NGO Kya Hai? और NGO कैसे काम करता है? – TechAafi

NGO Full Form In Hindi – “गैर सरकारी संगठन”  होता है। यह असल मे एक गैर सरकारी संगठन होता है जिसमे ना सरकार का हिस्सा होता है और ना हि पारंपरिक लाभ का व्यवसाय का हिस्सा होता है। याह असल मे एक गैर लाभकारी व्यवसाय है जिसे गरीब, महिला, बच्चे, आदि कि समस्याओ को दूर करने के लिये इन्हे शुरू किया जाता है।

तो अगर आप NGO के बारे जानना चाहते है कि NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai? या What is NGO in Hindi, NGO Full Form In Hindi, NGO कितने प्रकार के होते है? या Types of NGO, असल मे एक NGO कैसे काम करते है? या फिर मान लिजीये कि आप लोगो कि मदद के लिये NGO शुरु करना चाहते तो अपना अपना NGO कैसे शुरू करे?

ऐसे हि और भी आपके बहुत सारे सवाल है जिनके बारे मे आज के इस पोस्ट मे हम आपको पूरी जानकारी देंगे जिससे कि आपको किसी दूसरी वेबसाइट पर NGO के बारे मे जानकारी लेनी कि जरूरत ना पढे।

तो चलिये सबसे पहले हम जानते है कि NGO क्या है और NGO Full Form In Hindi के बारे-

NGO Full Form In Hindi

सबसे पहले हमे NGO Full Form In Hindi क्या होती है? क्योंकि अगर हम यही नही जनते हैं कि NGO को हिंदी मे क्या कहते है तो आगे जब हम NGO के बारे मे डिटेल से जानेंगे तो भि हमे इसकी जरूरत होगी।

NGO Full Form In Hindi - "गैर सरकारी संगठन" या हम इसे इंग्लिश मे जानते हैं- "Non-Governmental Organization"

यह असल मे NGO एक गैर सरकारी संगठन होता है जिसमे ना सरकार का हिस्सा होता है और ना हि पारंपरिक लाभ का व्यवसाय का हिस्सा होता है। याह असल मे एक गैर लाभकारी व्यवसाय है जिसे गरीब, महिला, बच्चे, आदि कि समस्याओ को दूर करने के लिये इन्हे शुरू किया जाता है।

अभी हमने आपको इस पोस्ट मे सिर्फ यही बताया है कि NGO Full Form In Hindi मे क्या होती है लेकिन हम NGO क्या है? – NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai? कि सही परिभाषा क्या होति वो जान लेते है।

तो चलिय जनते है NGO क्या है? – NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai?-

NGO क्या है? – NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai? या What is NGO in Hindi

एनजीओ का मतलब गैर सरकारी संगठन है जो कि एक निजी संगठन होता है। NGO के द्वारा लोगों की मदद करके सामाजिक काम किया जाता है जिसमें कई तरह के काम किये जाते है जैसे- विधवा महिलाओ के लिए आवास, गरीब अनाथ बच्चों को पढाना, महिलाओ की सुरक्षा आदि। इस संगठन में सरकार की कोई भूमिका नही होती है।

अभी तक हमने जाना कि NGO Full Form In Hindi मे क्या होती है और असल NGO की परिभाषा क्या होती है या NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai?

लेकिन अब हमारे लिये यह भी जानना बहुत जरूरी है कि असल मे Types of NGO : NGO के प्रकार कितने होते है और इन्हे क्यो इतने प्रकार मे बांटा गया है तो चलिये जानते है Types of NGO : NGO के प्रकार क्या क्या है-

Types of NGO : NGO के प्रकार

आपने NGO शुरू करने के बारे में तो सोच लिया है लेकिन क्या आप जानते है NGO कितने प्रकार के होते है।

  • BiNGO (Business Friendly International NGO)
  • ENGO (Environmental NGO)
  • GoNGO (Government-organized Non-governmental Organization)
  • INGO (International NGO)
  • QuaNGO (Quasi-autonomous NGO)

यह है NGO के प्रकार जिनके काम भी अलग-अलग तरह के होते है।

NGO कैसे काम करते है?

NGO को किसी एक व्यक्ति के द्वारा नही चलाया जा सकता। NGO में 7 या इससे ज्यादा व्यक्ति शामिल होते है। इसका मकसद लाभ प्राप्त करना नहीं होता है बल्कि इसे दुसरो का भला करने के लिए चलाया जाता है।

किसी ऐसे व्यक्तियों का समूह जो सामाजिक कार्य या सामाजिक सुधार का काम करने की इच्छा रखते है तो वह Registered या बिना Register किये NGO द्वारा इन कार्य को कर सकता है।

परन्तु रजिस्टर्ड NGO होने पर यह फायदा मिलता है की आप सामाजिक कल्याण के लिए जो कार्य कर रहे है उसके लिए आप सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते है।

यदि कोई समाज सेवक सामाजिक कल्याण का काम सरकार की सहायता के बिना करना चाहता है तो वह रजिस्टर्ड किए बिना एनजीओ भी चला सकता है।

भारत में लगभग 1 से 2 लाख तक NGO होने का अनुमान है। भारत के सभी NGO केंद्रीय सोसायटी अधिनियम के अंतर्गत आते है जबकि राजस्थान में राजस्थान सोसायटी अधिनियम बना है।

एक NGO इस तरह काम करता है और अपना एक समूह बनाकर लोगों की सहायता करता है।

NGO Ke Kya Kam Hote Hai? NGO के क्या काम होते है-

एनजीओ के कार्य में विभिन्न तरह के काम शामिल है जिसमें गरीब-बेसहारा लोगों की ज़रूरतों को पूरा करना और सिर्फ गरीब और बेसहारा ही नहीं बल्कि ऐसे लोगों की भी सहायता करना जो शारीरिक रूप से कार्य करने में अयोग्य होते है।

दुनिया भर में NGO विभिन्न प्रकार के समाज कल्याण और मानव कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते है। यह संगठन निरंतर विकास की दिशा में काम करते है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते है।

NGO का कार्य जरुरतमंद लोगों की सहायता करना है। यह गरीब बेसहारा लोगों के दुःख-दर्द को समझते है। वह ऐसे कई सारे लोगों को ढूंढ ही लेते है जो इनके साथ-साथ गरीब लोगों की मदद कर सके। NGO का काम पैसा कमाना नही होता यह लोगों की मदद करने का काम करती है। यही NGO Ki Visheshta होती है।

वैसे तो NGO द्वारा कई तरह के कार्य किये जाते है लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक कारणों पर कार्य करना होता है।

  • गरीब अनाथ बच्चों को शिक्षा देना।
  • स्कूल में बच्चों को अच्छा भोजन दिलवाना।
  • आर्थिक से रूप से कमजोर बच्चों को किताबें प्रदान करना।
  • महिलाओं को आवास देना।
  • जल संवर्धन के कार्य करना।
  • आदिवासी समाज की समस्या हल करना।
  • समाज में किसी तरह की बीमारी से झुझ रहे लोगों की मदद करना।
  • वृद्ध लोगों की मदद करना।

अपना NGO कैसे शुरू करे

अगर आप NGO बनाना चाह रहे है तो उसके लिए पहले आपको NGO संस्था बनाने के नियम को समझना होगा। क्योंकि यह नियम राज्य के हिसाब से अलग-अलग होते है। इन नियमों को Follow करके ही आप NGO बना सकते है।

NGO में काम करने के लिए आपको NGO का सदस्य बनना होगा। आप NGO के Registration के समय ही इसके सदस्य बन सकते है। NGO के गठन के लिए कम से कम 7 सदस्य होना जरुरी है।

एनजीओ के गठन के लिए आपको इसके लक्ष्य, उद्देश्य को तय करने के साथ ही इसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सलाहकार सदस्य आदि सदस्य तय करने होते है। इन सबसे मिलकर ही एन.जी.ओ की संरचना बनती है।

NGO शुरू करने से पहले आपको लोगों की परेशानियों को पहचानना होगा। उसके हिसाब से अपने NGO के उद्देश्य और मिशन को पहचाने और समाज के अंदर लोगों को क्या समस्याएं है उसके अनुसार NGO में कार्य किया जाता है।

बहुत से लोग अपनी समस्या के लिए आवाज़ नहीं उठा पाते है। उनकी समस्या कोई नहीं सुनता, इसलिए किसी भी NGO का यही उद्देश्य होना चाहिए की वह लोगों की परेशानी को सुने, समझे और उसके हिसाब से अपने NGO को शुरू करे तभी एनजीओ का सकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है।

गैर सरकारी संगठन को स्थापित करने के लिए ऐसे लोगों का समूह बनाये जो सभी कार्यों को एक सही रणनीति जिसमें वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन, और नेटवर्किंग जैसे सभी तरह के कार्यो को कर सके और उन निर्णयों को लेने के लिए पूरी तरह से उत्तरदायी भी हो।

यह थी NGO Kaise Banta Hai के बारे में कुछ जानकारी अब आपको NGO Kaise Banaya Jata Hai इस बारे में अच्छे से समझ में आ गया होगा। चलिए अब आपको आगे बताते है कि NGO में रजिस्टर करने के लिए आपको किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

NGO के लिए जरूरी कागजात

यदि आप NGO के लिए रजिस्टर कर रहे है तो आपके पास कुछ आवश्यक डाक्यूमेंट्स होने चाहिए जैसे:

  • ट्रस्ट डीड / मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन
  • नियम और विनियम / ज्ञापन
  • एसोसिएशन विनियमन के लेख
  • राष्ट्रपति से शपथ पत्र
  • आईडी प्रूफ (वोटर आईडी / आधार कार्ड)
  • निवास प्रमाण
  • पंजीकृत कार्यालय का पता प्रमाण
  • पासपोर्ट (अनिवार्य)

NGO शुरु करने के लिए आपको इन दस्तावेजों की जरुरत होगी।

अगर आप NGO शुरू करने जा रहे है तो आपको अपने एनजीओ के नाम से अलग बैंक अकाउंट खुलवाना होगा इसके लिए आपके पास पैनकार्ड होना चाहिए क्योंकि इसकी मदद से आप बैंक अकाउंट खुलवा पाएंगे। खाता इसलिए खुलवाया जाता है क्योंकि यदि कोई डोनेशन देता है तो वह NGO के खाते में ही जाता है।

NGO को रजिस्टर कैसे करे – NGO Full Form In Hindi

असल मे किसी भी NGO को रजिस्टर कराने के लिये तीन अलग अलग अधिनियम है जो कि निम्न प्रकार है-

  • Trust act
  • Society Act
  • Companies Act

यदि आप भारत देश में NGO बनाना चाहते है तो इसके लिए 3 तरह की प्रक्रिया होती है या आप एनजीओ का रजिस्ट्रेशन इन 3 अधिनियम में से किसी एक अधिनियम में कर सकते है।

Trust Act

ट्रस्ट एक्ट भारत के अलग-अलग राज्यों में होता है परन्तु यदि किसी राज्य में Trust अधिनियम नही है तो उस राज्य में 1882 ट्रस्ट एक्ट लागू होता है। इस अधिनियम के अंतर्गत कम से कम दो Trustees होना जरुरी है।

अगर इस अधिनियम के तहत NGO का रजिस्ट्रेशन करना है तो आपको Charity Commissioner या Registrar के ऑफिस में आवेदन देना होगा। Trust Act के अंतर्गत NGO Register करने के लिए आपको Deed Document लगाना होगा।

Society Act

इस अधिनियम के तहत NGO को सोसाइटी के रूप में रजिस्टर किया जाता है। लेकिन कुछ राज्यों जैसे- महाराष्ट्र राज्य में सोसाइटी अधिनियम के तहत NGO को Trustee के तौर पर भी Registered किया जा सकता है।

सोसाइटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन करने के लिए ‘Memorandum Of Association And Rules And Regulation Document’ लगाया जाता है। इस डॉक्यूमेंट को बनाने के लिए कम से कम 7 सदस्यों की आवश्यकता होती है ना की स्टाम्प पेपर की आवश्यकता पड़ती है।

Companies Act

कम्पनीज एक्ट के अंतर्गत NGO का रजिस्ट्रेशन करने के लिए ‘Memorandum And Articles Of Association And Regulation Document’ की आवश्यकता होती है।

इस दस्तावेज को बनाने के लिए किसी भी प्रकार के स्टाम्प पेपर की जरुरत नही होती है और यह दस्तावेज बनाने के लिए कम से कम तीन सदस्यों का होना जरूरी है।

NGO में fund के लिए प्रमोट कैसे करे

अपने NGO के लिए फंड इकट्ठा करना एक NGO के लिए सबसे कठिन काम होता है।

अगर आप प्रोफेशनल और सही तरीके से काम नहीं करते हैं तो आपके लिए पैसे जुटाना असंभव सा लगने लगता है।

परंतु आपको इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस आर्टिकल में हम आज आपको इसके बारे में बताने वाले हैं कि आप अपने एनजीओ के लिए अधिक से अधिक पैसे कैसे इकट्ठा कर सकते हैं।

1. Private Company से Contact करें

आप चाहे तो अपने एनजीओ के लिए प्राइवेट कंपनियों से भी पैसे जुटा सकते हैं।

आप छोटी कंपनियों को कॉल करके या ईमेल भेजकर आर्थिक सहायता के लिए कह सकते हैं।

इसके लिए एनजीओ की वेबसाइट का होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि आपकी वेबसाइट आपके एनजीओ की विश्वसनीयता को काफी बढ़ा देती है।

2. Government से Fund कैसे लें

यदि आपका एनजीओ सरकारी बुक में रजिस्टर है तो आप सरकार से अपने एनजीओ के लिए आर्थिक सहायता ले सकते हैं। सरकार से फंड प्राप्त करने के लिए आपको थोड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है पर अगर आप सही तरीके से प्रयास करते हैं तो आप सरकारी सहायता अपने एनजीओ के लिए प्राप्त कर सकते हैं।

3. Fund के लिए कार्यक्रम का आयोजन

आप अपने एनजीओ के लिए फंड प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार के सामाजिक अथवा धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करवा सकते हैं जिसमें आप अपने कार्यों से सबको अवगत कराएं और लोगों को आर्थिक सहायता के लिए उत्साहित करें।

ऐसे किसी भी कार्यक्रम में आप अपने आसपास के सामाजिक व्यक्ति, डॉक्टर, वकील, नेता जैसे लोगों को बुला सकते हैं और उन्हें अपने एनजीओ के लिए फंड देने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

NGO खोलने के मुख्य लाभ – NGO Full Form In Hindi

वर्तमान के समय में NGO अतिरिक्त आय का अच्छा साधन बन चुका है। कई बार दूसरी नौकरियों से ज्यादा NGO में वेतन मिलता है और अगर आप किसी अंतरराष्ट्रीय एनजीओ में कार्यरत हैं तो आपकी सैलरी तो बहुत ही अधिक होगी, साथ ही इसमें समाज सेवा का सुकून भी मिलता है।

कई बार कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए NGO खोलते हैं क्योंकि एनजीओ में मिलने वाला फंड आयकर मुक्त होता है।

इसलिए जो लोग Black Money अथवा काले धंधे करते हैं वह अपने पैसे को वाइट मनी बदलने के लिए तथा सरकार को Tax देने से बचने के लिए एनजीओ खोलते हैं।

इसके अलावा वह अपने NGO को दिखाकर पूरी दुनिया के बड़े-बड़े लोगों से करोड़ों में फंड लेते हैं। इसका कुछ हिस्सा वह सामाजिक कार्य में खर्च करते हैं बाकी सारा पैसा वह व्यक्तिगत कार्य के लिए रखते हैं। इस तरह वे एनजीओ के द्वारा काफी अच्छे पैसे कमाते हैं।

NGO खोलने का एक फायदा यह भी है कि आपको बड़े-बड़े लोगों से मिलना पड़ता है जिसके कारण आपकी पहचान बड़े बड़े लोग जैसे फिल्मी हस्तियां, राजनेता तथा अन्य जानी-मानी हस्तियों से होती है और आपका सामाजिक संपर्क तगड़ा बनता है।

इसके अलावा नए एनजीओ का गठन पैसा कमाने के लिए, सरकार से अपना Tax बचाने के लिए, राजनीति में अपना करियर बनाने के लिए, प्रसिद्धि पाने के लिए तथा और बहुत तरह के व्यक्तिगत फायदे को देख कर किया जाता है।

आज आपने क्या सीखा- NGO Full Form In Hindi

हमने आपको इस पोस्ट (NGO Full Form In Hindi) के माध्ययम से NGO Full Form In Hindi मे क्या होती है साथ हि NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai? या What is NGO in Hindi, NGO कितने प्रकार के होते है? या Types of NGO, एक NGO कैसे काम करते है? या फिर मान लिजीये कि आप लोगो कि मदद के लिये NGO शुरु करना चाहते तो अपना अपना NGO कैसे शुरू करे? आदि कि जानकारी आप लोगो के साथ शेयर कि है।

हमे उम्मीद है कि हमने जो जानकारी (NGO Full Form In Hindi) NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai? आप लोगो को दी है वो आपको जारूर पसंद आयी होगी साथ आपको लोगो को इस पोस्ट को पढने के बाद मे किसी दूसरे पोस्ट को पढने की भी जरूरत होगी।

तो अगर आप लगता है कि हमारे इस पोस्ट (NGO Full Form In Hindi) NGO Kya Hai या NGO Kya Hota Hai? के द्वारा दी गयी जानकारी आपके मिलने वालो के काम आ सकती है तो आप से निवेदन है कि हमारे इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो के साथ शेयर करे।

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