कूरियर बिजनेस क्या है? कैसे शुरु करे?

आज के इस पोस्ट के माध्ययम से हम आप लोगो को कोरियर बिजनेस के बारे मे बतायेगे कि असल मे कूरियर बिजनेस क्या होत है या Courier Service Business Hindi और हम इसे कैसे कर सकते है? लेकिन उस से पहले आपसे मेरे एक सवाल है कि क्या आप जानते है कि असल मे यह कूरियर क्या होता है और इसका बिजनेस हम कैसे कर सकते है?
इस पोस्ट मे आगे बडे उस से पहले हम आपको कूरियर के बारे बता देते है कि यह कूरियर क्या है – Courier Kya Hota Hai? या Courier Service Business Hindi मे समझाने की कोशिश करेंगे।

हमारा इस पोस्ट का मक्सद है कि हम आपको Courier Service Business Hindi के बारे मे पूरी जानकारी एक साथ इसी पोस्ट मे दे पाये जिससे कि आपको Courier Service Business Hindi के बारे मे ज्यादा Online अपना समय बर्बाद ना करना पडे.

Table of Contents

कूरियर क्या है – Courier Kya Hota Hai

कूरियर(Courier) एक ऐसी सेवा है जो किसी को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर पार्सल या कोई भी सामान भेजने की अनुमति देती है।
Courier को आप चाहो तो ओंलाइन या औफलाइन दोनो तरीके से बुक कर सकते हो। इसमे हमारे दो अलग अलग ओप्शन होते है आप चहो तो अपने Courier को अपने पास रख सकते है दिये गये समय पर Courier का कम्पनी का कोई भी इम्प्लोई आयेगा और आपके पास से आपका Courier ले जायेगा।
इसके अलावा दूसरा ओप्शन है कि आप Courier कम्पनी के ओफिस पर जा कर अपना Courier दे सकते है। यह दोनो हि ओप्शन है जो भी आपको पसंद लगे उसे आप इस्तिमाल कर सकते है।

कूरियर सर्विस व्यवसाय क्या है – Courier Service Business Hindi

कूरियर व्यवसाय एक ऐसी कंपनी का नाम है जो विभिन्न प्रकार की कंपनी और आम जनता को एक ऐसी फैसिलिटी प्रदान करती है जिसके अंतर्गत वह अपने जरूरी दस्तावेज़ व अन्य सामग्री एक पते से दूसरे पते तक भेजने व पहुंचाने का काम करते हैं. सरल शब्दों में कहें तो एक व्यक्ति अपने किसी भी सामान को यदि दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाना चाहता है तो उसे खुद वहां जाने की आवश्यकता नहीं होती है. यह सब काम कूरियर कंपनी के द्वारा किया जा सकता है. अपनी इन सेवाओं के बदले कूरियर कंपनी उपभोक्ताओं से कुछ निर्धारित राशि का भुगतान करने के लिए कहते हैं और उपभोक्ता आराम से उस राशि का भुगतान उन कंपनी को करती भी हैं.

कूरियर कंपनी व्यवसाय के लिए भारत में स्कोप – Scope Courier Service Business in India

आजकल घर बैठे सामान ऑनलाइन आर्डर करके घर पर मंगाना बहुत कॉमन सा हो गया है. ऐसे में सबसे ज्यादा कमाई कूरियर कंपनी की होती है क्योंकि वह दुकानदार और बड़े बड़े शोरूम से आपके द्वारा ऑर्डर किया गया सामान आप तक पहुँचाते हैं. इसके बदले उन्हें कमीशन और कुछ निर्धारित राशि प्राप्त होती है. यदि बात की जाए भारत में मौजूद कूरियर मार्केट की तो आपको बता दें कि साल 2015 से 16 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार कूरियर मार्केट को लगभग 14 करोड का सालाना प्रॉफिट हुआ था. और धीरे-धीरे आने वाले समय में यह साल 2019 से लेकर 2020 में अब तक 20 करोड़ तक पहुंच गया है. जबकि भारत में आज भी ऐसे बहुत से स्थान हैं जहां पर कूरियर इंडस्ट्री पहुंच ही नहीं पाई है. ऐसे में यदि आप कूरियर व्यवसाय को अपना पेशा चुनते हैं तो आप दिन प्रतिदिन इसमें लाभ कमा सकते हैं. क्योंकि आज के टाइम में ऐमेज़ॉन, फ्लिपकार्ट और न जाने ऐसी कितनी कंपनी बन चुकी है जो घर बैठे उपभोक्ताओं तक सामान पहुंचाने का काम करती हैं. ऐसे में यदि आप इन कंपनियों के साथ जुड़कर खुद अपना कूरियर व्यवसाय आरंभ करते हैं, तो आप आसानी से कम निवेश में ज्यादा पैसा कमा सकते हैं.

भारत में कूरियर व्यवसाय कैसे स्थापित करें – How to Start Courier Service Business

भारत में कूरियर व्यवसाय स्थापित करने के 2 तरीके उपलब्ध हैं. आइए समझ लेते हैं दोनों ही विकल्पों को विस्तार से :-

अपनी खुद की लॉजिस्टिक और कुरियर कंपनी सेट करने का तरीका

इस विकल्प के अनुसार खुद की ही एक लॉजिस्टिक कूरियर कंपनी आरंभ करने के लिए आपको उचित मात्रा में धन की आवश्यकता होती है. वैसे तो आप छोटे पैमाने पर भी इसकी स्थापना कर सकते हैं परंतु उसमें भी आपको अधिक धनराशि की आवश्यकता होगी क्योंकि एक कुरियर कंपनी के साथ जुड़ने के लिए आपको बहुत सारे एंप्लॉय की आवश्यकता होती है जो आपके साथ काम कर सके और उपभोक्ताओं के घर तक उनका सामान पहुंचा सके. इसलिए भारत में यदि आप अपनी स्वयं की कुरियर कंपनी आरंभ करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कई सारे निवेशक जुटाने होंगे, जो आपके साथ मिलकर आपके व्यवसाय में पूँजी लगा सकें और उसके बाद आपको अपनी कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड या एक पंजीकृत कंपनी के रूप में बनाना होगा.

किसी प्रतिष्ठित कूरियर कंपनी के साथ जुड़ना या फ्रेंचाइजी लेना

यदि आप अधिक धन एकत्रित नहीं कर सकते हैं तो आप एक प्रतिष्ठित कूरियर कंपनी से जुड़ सकते हैं या उसकी फ्रेंचाइजी लेकर अपना एक अलग व्यवसाय आरंभ कर सकते हैं. आज के समय में भारत में ऐसी बहुत सारी कूरियर कंपनियां मौजूद हैं जो आपको फ्रेंचाइजी देने के लिए तैयार होती हैं, बस आपको कूरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता होती है-

  • फ्रेंचाइजी लेने के लिए लाइसेंस और कर भुगतान का पंजीकरण पत्र,
  • जिस कंपनी से आप फ्रेंचाइजी ले रहे हैं उनके साथ जुड़ने के सभी दस्तावेज,
  • फ्रेंचाइजी लेने के बाद आपको वह स्थान ढूंढना होगा जहां पर आप अपनी कंपनी खोलना चाहते हैं,
  • फ्रेंचाइजी लेने के बदले आपको एक निर्धारित सुरक्षा राशि को भी जमा कराना होता है, वह राशि कूरियर कंपनी पर निर्भर करती है कि वह आपसे या किसी भी व्यक्ति से फ्रेंचाइजी लेते समय कितनी धनराशि लेना चाहते हैं.
  • आपके सभी प्रकार के वित्तीय विवरण जैसे बैंक स्टेटमेंट या बैंक पासबुक की फोटो कॉपी भी आपके पास मौजूद होनी चाहिए,
  • कूरियर कंपनी से फ्रेंचाइजी लेने के लिए आपको कूरियर हेड ऑफ़िस से स्वीकृति पत्र दिया जाता है जिसका आपके पास होना बेहद आवश्यक है.
  • जिस कंपनी के साथ आप फ्रेंचाइजी कर रहे हैं उस कंपनी और आपके बीच एक समझौता पत्र होना आवश्यक है.
    भारत में ऐसी बहुत सारी कंपनी है जो अपना नाम फ्रेंचाइजी के तौर पर उस व्यक्ति को देने के लिए तैयार रहती हैं
  • जो इस व्यवसाय में निवेश करना चाहते हैं और इस व्यवसाय को करना चाहते हैं. जैसे भारतीय डाक सेवा, डीएचएल एक्सप्रेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड, पहली उड़ान कूरियर लिमिटेड, डीटीडीसी कूरियर और कार्गो लिमिटेड आदि.

कूरियर व्यवसाय के लिए सही वाहन का चुनाव – Select Best Vehicle Courier Service Business

कूरियर सेवाएं एक वाहन की सहायता से ही उपभोक्ताओं तक पहुँचाई जा सकती हैं इसके लिए आप अपनी कंपनी के लिए कौन सा सही वाहन चुनते हैं, या फिर सोचते हैं इस बारे में आपको विचार विमर्श करना बहुत आवश्यक होता है. क्योंकि आपका वाहन का चुनाव 2 बातों पर निर्भर करता है कि आप अपने कूरियर व्यवसाय को कितनी दूरी तक विस्तार कर रहे हैं एवं कितनी क्वांटिटी में आपको कूरियर करना है. उदहारण के लिए यदि आपको 10 से 15 किलोमीटर तक के दायरे में उपभोक्ताओं को सेवा देनी हैं तो इसके लिए आप 2 पहिया वाहन खरीद सकते हैं. लेकिन यदि क्वांटिटी ज्यादा हैं तो आपको बड़े वाहन जैसे माल ढ़ोने वाली मैजिक या टैम्पो का सहारा लेना होगा. इसके अलावा यदि आपको 200 से 300 किलोमीटर या इससे भी ज्यादा दूरी में कूरियर देना है, तो इसके लिए आपको ट्रक का सहारा लेना पड़ सकता है. ये सभी वाहन लेने के लिए आपको कुछ निवेश की भी आवश्यकता होती हैं, जैसे छोटे वाहन पर आपको कम धन निवेश करना होगा और बड़े वाहन के लिए आपको ज्यादा धन का भुगतान करना होगा. इसलिए किसी भी वाहन का चुनाव आपकी कंपनी के विस्तार और आपकी कंपनी की पूँजी पर निर्भर करता है.

कुरियर व्यवसाय के लिए आवश्यक उपकरण – Best Tool Courier Service Business

कूरियर व्यवसाय में कुछ वस्तुएँ ऐसी होती हैं जो वजन में बहुत ज्यादा भारी और आकार में बड़ी होती हैं, और जिन्हें उठाने के लिए मानव श्रम भी कम पड़ता है. ऐसी वस्तुओं को उठाने के लिए कूरियर कंपनी में कुछ उपकरणों की आवश्यकता होती है. जैसे बड़ी-बड़ी ट्रॉली जो आसानी से बड़े सामान को उठाकर वाहन में रखने में सहायक होती हैं. जिनमें से कुछ उपकरण कार्गो पट्टियां और टेप आदि हैं जो आप बाजार से ख़रीद सकते हैं.

कूरियर व्यवसाय के ऑफिस का लोकेशन – Location For Courier Service Business

यदि आप बड़ी बड़ी कंपनी के साथ जुड़कर अपनी कूरियर सेवाएं प्रदान करना चाहते हैं, तो आप व्यावसायिक स्थानों के बीच में अपना ऑफिस स्थापित कर सकते हैं. इसके अलावा यदि आप घरेलू सेवाएं अपने कूरियर व्यवसाय के जरिए प्रदान करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप किसी आवास क्षेत्र के आसपास अपना ऑफिस स्थापित कर सकते हैं ताकि लोग आसानी से आपके पास पहुंच सके.
कूरियर व्यवसाय में रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज
नगर निगम लाइसेंस द्वारा प्राप्त एनरोलमेंट कंसेंट की कॉपी,
जिस जगह पर आप अपनी कंपनी आरंभ करना चाहते हैं उस जगह की साइट और लेआउट प्लान की पूरी कॉपी,
फायर डिपार्टमेंट से प्राप्त एनओसी की प्रतिलिपि,
एक ऐसा फ्लो चार्ट जिस पर आपके द्वारा मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस का कंप्लीट ब्यौरा दिया गया हो,
आपकी कंपनी में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की पूरी प्रोफाइल की सभी प्रकार की कॉपियां,
राज्य के अनुसार भरी जाने वाली फीस की प्रतिलिपि,
यदि फ़ूड से जुड़ी कूरियर सेवाएं प्रदान करना चाहते हैं तो फ़ूड डिपार्टमेंट से भी आपको एफएसएसएआई लाइसेंस प्राप्त करना होगा जिसकी प्रतिलिपि भी आवेदन करते समय जमा करानी होती है.
इसके अलावा पैन कार्ड की कॉपी
आवेदन कर्ता के सभी प्रकार के id प्रूफ,
जो कंपनी का मालिक है उसकी ओनरशिप का पूरा प्रूफ,
यदि कंपनी पार्टनरशिप में है तो पार्टनरशिप डीड होना आवश्यक है.
कूरियर व्यवसाय के लिए आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रिया

कूरियर व्यवसाय में पंजीकरण करके लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आप निम्नलिखित प्रक्रिया को अपनाये :-

इसमें सबसे पहले आपको कंपनी के लेटर हेड पर आवेदन भरना होता है.
आप जहां पर अपनी कंपनी स्थापित करना चाहते हैं वहां के सरकारी नगरपालिका में जाकर आपको आवेदन पत्र से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त होगी. लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र से जुड़ी सभी प्रक्रिया आपको वहीं पर करनी भी होगी.
घरेलू, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सभी प्रकार के व्यवसाय के लिए अलग आवेदन पत्र भरा जाता है.
आवेदन पत्र की स्थिति के अनुसार ही आपको कुछ निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करना होता है.
आवेदन भरते समय आपको उसमें अपने पार्टनर यदि उपलब्ध हो तो और संबंधित कंपनियों और जिसके साथ आप जुड़कर काम करना चाहते हैं उसका पूरा ब्यौरा उस पत्र में होना चाहिए.
कंपनी प्रमाण पत्र प्राप्त करके उसकी प्रतिलिपि भी आपको पंजीकरण करते समय दिखानी होती है.
यदि आपकी कंपनी में कई सारे निवेशक हैं तो उनसे जुड़े सभी प्रकार के विवरण और तिथि भी आपको आवेदन पत्र में भरना होता है.
कंपनी के निदेशकों और शेयरधारकों की आई-डी और पासपोर्ट की प्रतिलिपि भी आपको एकत्रित करनी होगी.
आप अपना व्यवसाय किस देश, शहर और क्षेत्र में आरंभ करना चाहते हैं उसकी पूरी जानकारी आपको उस दस्तावेज़ में भरनी होती है.
आपके साथ काम करने वाले सुरक्षा कर्मियों, डाक कर्मचारियों आदि की जानकारी भी आपको अधिकारी के सामने प्रस्तुत करनी होती है.
कंपनी की बीमा पॉलिसी करानी बहुत जरूरी है क्योंकि उसकी एक प्रतिलिपि भी आवेदन भरते समय मांगी जाती है.
कूरियर व्यवसाय में लागत एवं रेट का निर्धारण
वैसे तो मानक रूप से कूरियर कंपनी के लिए एक निर्धारित राशि की लिस्ट बनाई गई है जिसके अनुसार ही कूरियर कंपनी किसी उपभोक्ता से सामान के लेन-देन पर धनराशि प्राप्त कर सकते हैं. परंतु फिर भी अपनी एक खुद की एक लिस्ट तैयार करना बहुत जरूरी होता है जिसके लिए आपको निम्नलिखित तरीकों का पालन करना होगा.

प्रतियोगी कंपनियों के आधार पर-

सबसे पहले यह पता करें कि आपकी प्रतियोगी कंपनियां कूरियर सर्विस के बदले उपभोक्ताओं से क्या चार्ज करती हैं. उसके बाद आप उस रेट लिस्ट के अनुसार उनसे कम या फिर अनुमानित रेट लिस्ट तैयार कर सकते हैं.
समय के आधार पर :- इसके अलावा कुछ कंपनी समय के हिसाब से भी चार्ज करती हैं जैसे घंटे के हिसाब से चार्ज. उसमें जितने घंटे में आप उपभोक्ता तक सामान पहुंचा सकते हैं उतने घंटे की राशि का भुगतान उपभोक्ता द्वारा कूरियर कंपनी को किया जाता है. जैसे आपने सुना होगा कि 30 मिनट में यदि आपके पास कोई कूरियर नहीं पहुंचे तो आप उसे फ्री में भी ले सकते हैं. ठीक इसी प्रकार से कुछ कूरियर कंपनी उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए एक समय सीमा बांध देती है और उपभोक्ताओं को उनकी मनचाही सुविधाएँ प्रदान करती है.
भारी या कांच के सामान के लिए अलग से चार्ज :- प्रत्येक कूरियर कंपनी सामान के वजन, आकार और कीमती कांच के सामान के हिसाब से चार्ज करती है. ठीक इसी प्रकार से आपको भी यदि अपनी कंपनी स्थापित करनी है तो स्थापित करते समय आपको यह बात ध्यान रखना होगगा कि आपको एक ऐसी लिस्ट भी तैयार करनी चाहिए जो सामान के वजन के हिसाब से चार्ज दर्शाती हो.
छुट्टी वाले दिन के लिए लगाया जाने वाला चार्ज :- कुछ कूरियर कंपनी ऐसी होती हैं जो राष्ट्र छुट्टी के दिन भी खुली होती हैं और अपनी सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुँच रही होती हैं ऐसे में वे उस अवकाश का फायदा उठाकर कुछ एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं. जिसकी लिस्ट भी कुरियर कंपनी द्वारा पहले से निर्धारित की जाती है.
वेटिंग चार्ज :- यदि आप अपना सामान एक स्थान से दूसरे स्थान पहुँचाना चाहते हैं तो उसके लिए आप किसी भी कूरियर कंपनी से संपर्क कर सकते हैं इसके लिए आपको कूरियर में पिकअप सर्विस का ऑप्शन चुनना होगा. जिसके बाद कोरियर कंपनी से एक व्यक्ति आकर आपका सामान ले जाता है यदि आप अपने सामान को पैक करने में देरी लगा देते हैं तो उस पर एक चार्ज लगाया जाता है जिसे वेटिंग चार्ज कहा जाता है. जिसे पहले से ही निर्धारित किया जाता है.

कूरियर व्यवसाय में कमाई और लाभ

कूरियर कंपनी अपने पास कुछ एंप्लॉय को रखती है जो सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करते हैं, और उन्हें सैलरी या कुछ परसेंट कमीशन देती है. ऐसे में बाकी का बचा हुआ धन पूरी तरह से कूरियर कंपनी के लिए लाभ होता है. जैसे-जैसे इस व्यवसाय में बढ़ोतरी होती जाती है, वैसे-वैसे इस व्यवसाय में कमाई और लाभ दोनों के ही अवसर बढ़ते जाते हैं. किसी भी बड़ी कंपनी के साथ फ्रेंचाइजी लेकर जुड़ने के लिए आपको मात्र 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये की आवश्यकता होती है. जिसमें सालाना 5 लाख से ऊपर तक की कमाई और लाभ प्राप्त होने की संभावना रहती है. वहीं यदि आप अपना खुद का व्यवसाय आरंभ करते हैं तो उसके लिए आपको लगभग 5 लाख से लेकर 10 लाख रूपये निवेश करने पड़ते हैं. और इसमें आपको सालाना 10 लाख रुपए का लाभ प्राप्त हो सकता है.

कूरियर व्यवसाय को अमेज़न और फ्लिपकार्ट से जोड़ने का तरीका

अगर आप अपने कूरियर व्यवसाय को फ्लिपकार्ट या अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियों के साथ जोड़ना चाहते हैं तो उसके लिए आपको उनसे संपर्क करके उनसे जुड़ने की सभी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. उसके बाद जब आप कंपनी के साथ जुड़ जाते हैं तो जिस क्षेत्र में आप व्यवसाय करते हैं या करना चाहते हैं, उस क्षेत्र के आसपास के दायरे की सामान की डिलीवरी का सारा काम आपकी कम्पनी को ही सोंपा दिया जाता है. यह कंपनी आपको प्रत्येक सामान की डिलीवरी पर कुछ कमीशन के आधार पर चार्ज देती हैं, जिससे आपकी कमाई धीरे – धीरे बढ़ती जाती है. इन कंपनी के साथ जुड़कर सारी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाती है और इन कंपनी के द्वारा समान की डिलीवरी के लिए बड़ी – बड़ी कूरियर कंपनी को हायर किया जाता है.

कूरियर व्यवसाय में उपभोक्ता ढूंढने के तरीके

किसी भी व्यवसाय में उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न तरीकों को अपनाना पड़ता है ठीक इसी प्रकार कूरियर व्यवसाय में भी उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है.

इस व्यवसाय में उपभोक्ता लाने के लिए आप अपनी कंपनी का प्रोमोशन कर सकते हैं.
बड़ी और जानी मानी कम्पनी के साथ जुड़कर भी उनके द्वारा आने वाले ग्राहकों को आप अपने कम्पनी की सेवायें प्रदान कर सकते है.
इसके अलावा आप ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर सीधे ही ग्राहक के संपर्क में आ सकते हैं और उन्हें अपनी सेवा का लाभ उठाने का अवसर दे सकते हैं.
कुछ अच्छे और आकर्षक ऑफर और डिस्काउंट के जरिए भी आप उपभोक्ताओं को अपनी तरफ आकर्षित कर सकते हैं.

कूरियर व्यवसाय में सुरक्षा

कूरियर व्यवसाय में सुरक्षा को महत्व देना बहुत ज्यादा आवश्यक होता है क्योंकि कूरियर व्यवसाय की सभी सेवाएं उपभोक्ताओं की संतुष्टि और प्रतिष्ठित कंपनियों के भरोसे पर आधारित होता है. ऐसे में उपभोक्ताओं के सामान जिसकी डिलिवरी आपको दूसरी जगह पर देनी होती है, उसकी देखरेख करना आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है ताकि उस सामान को किसी भी प्रकार का नुकसान ना पहुंच सके. एक छोटा सा नुकसान आपकी कंपनी और उपभोक्ता के बीच अविश्वास पैदा कर सकती है, और इससे आपकी कंपनी को बहुत बड़ा नुकसान भी पहुंच सकता है.

आज आपने क्या सीखा – Courier Service Business Hindi

हमे उम्मीद है कि आपको हमारा यह पोस्ट Courier Service Business Hindi जरुर पसंद आया होगा और इस पोस्ट मे आपको वो सभी जानकारी देने कि कोशिश कि है जो कि हमारे Courier Service Business Hindi के लिये जरूरी है।
तो अगर आपको Courier Service Business Hindi पसंद आया हो तो हमारे इस पोस्ट – Courier Service Business Hindi को अपने दोस्तो के साथ जरूर शेयर करे।

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