बिजनेस क्या है? और यह कितने प्रकार का होता है?

बिजनेस की फुल फॉर्म क्या है? (Business Ka Full Form) बिजनेस का अर्थ क्या होता है या business kya hai? और vyapar kya hai हिंदी में क्या कहते है? यदि आप business ka full form और इसे कौन कर सकता है के साथ – साथ इसमें कितना पैसा हैं,

क्या आप जानते हैं कि बिजनेस की फुल फॉर्म क्या है? (Business Ka Full Form) बिजनेस का अर्थ क्या होता है या business kya hai? और vyapar kya hai हिंदी में क्या कहते है? यदि आप business ka full form और इसे कौन कर सकता है के साथ – साथ इसमें कितना पैसा हैं, के बारे जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े.

बिजनेस का भविष्य आनेवाले समय में बहुत ही उज्जवल होने वाला है क्योंकि सभी देश आज के समय में बेरोजगारी से समस्या से जूझ रही हैं. ऐसे में यदि कोई बिजनेस करना चाहता है तो वो स्वरोजगार के साथ – साथ देश की इकनॉमिक कंडिशन में भी अपना योगदान कर रहा है.

यदि आपने सोचा है कि ख़ुद का बिजनेस शुरू करना है तो आप जरूर करेंगे, हमें पूरा विश्वास है कि आप अपने काम को बहुत सूझ बूझ से अंजाम देंगे, लेकिन इसे करने से पहले आपकों business ka full form और इससे जुड़ी चीजों के बारे में जानकारी होना चाहिए.

business kya hai या vyapar kya hai और business ka matlab होता है, के बारे में जब आपको ढंग से जानकारी हो जाती हैं तब ख़ुद का Business शुरू करने में ज़्यादा दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता है. आप समझते हैं कि business kya hai या vyapar kya hai? और इसे कैसे किया जा सकता है.

यदि सच्चाई की बात किया जाए तो बिजनेस एक तरह से आपके mind set पर निर्भर करती हैं. जैसी आपकी सोच होगी वैसे ही आपके मन में विचार उत्पन होंगे और Business के लिए अच्छा आइडिया का होना कितना important है वो आप सभी को पता है ही.

जब आपको अपने बिजनेस को करने के लिए यूनिक और innovative आइडिया मिल जाता है तब आपका काम और आसान हो जाता है क्योंकि इसके बाद आप क्लियर हो जाते हैं कि आपकों किस आइडिया पर मार्केट के अनुसार अपने स्टार्टउप को लांच करना है.

तो चलिये हम पहले यह जान लेते हैं कि बिजनेस क्या है? – business kya hai या vyapar kya hai और business ka matlab क्या है?-

Table of Contents

बिजनेस क्या है? – Business Kya Hai? या Vyapar Kya Hai?

business kya hai
business kya hai

Business Kya hai -बिज़नस या व्यापार वस्तुओ और सेवाओं के निरंतर उत्पादन और उसे आम आदमी (उपभोक्ता) तक पहुचाने की एक विशेष आर्थिक प्रक्रिया है,

दुसरे शब्दों में,

बिज़नस एक ऐसी एक्टिविटी है, जिसका उद्देश्य निरंतर बस्तुओ और सेवाओ के उत्पादन से,मानवीय इक्क्षाओ की पूर्ति करके लाभ कमाना होता है।

Business Ka Full Form – Vyapar Kya Hai?

अभी हम फिलहाल business ka full form क्या है और इससे जुड़ी छोटी मोटी बातों के बारे में ही यहां डिस्कस करने वाले है, तो चलिए बिना किसी देरी से शुरू करते हैं।

बिजनेस की फुल फॉर्म होती हैं ” Best Upcoming Start up Invented Not affected by Society & Success“. इसका मतलब मार्केट या बाज़ार में एक नई सोच से शुरुवात करना जो किसी सोसाइटी या सफलता से प्रवाहित नहीं है.

business full form in Hindi -” बेस्ट अपकमिंग स्टार्टउप इनवेंटेड नॉट अफेक्टेड बाई सोसाइटी एंड सक्सेस” बोल सकते हैं. इसके अलावा इसका मतलब किसी आइडिया को शुरूवात करना है जो आगे चलकर आपकों स्वरोजगार और प्रॉफिट का साधन बने.

किसी चीज को आसान बनाने के लिए हम शॉर्ट फ़ॉर्म बनाते हैं और इसका भी एक शॉर्टकट है जिसे कई बार B-स्कूल से represent किया जाता है जिसका मतलब होता है” बिजनेस स्कूल”.

बिजनेस की परिभाषा – Definition of Business in Hindi

बिज़नेस के बारे में कौन नहीं जानता है, इसे आज एक आम इंसान से बड़े वेक्ति तक देश – विदेश में किया जाता है. पहले हर कोई केवल एक नौकरी के पीछे भागता था लेकिन जैसे – जैसे समय बादलता गया लोग भी पैसे कमाने के तरीके बदलते गए.

साथ ही ऐसे बहुत से लोग है जो आज भी सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहे हैं लेकिन बिज़नेस एक ऐसा फ़ील्ड है जो रोजगार के साथ – साथ अच्छी इनकम भी देता है।

बिजनेस मेन कौन होत है?

इंसान की प्राथमिक जरूरत है, भोजन, कपड़े और मकान, लेकिन इसके आलावा भी जीवन को आसान बनाने वाली भी इन्सान की बहुत सारी जरुरते भी है,

तो बात चाहे प्राथमिक जरूरत की हो या जीवन को आसान बनाने वाली, इसके लिए जरूरत होती है कुछ प्रोडक्टस यानि उत्पाद और सर्विसेज यानि सेवाओ की,

और जो भी व्यक्ति, संस्था या कंपनी , लाभ के उद्देश्य से प्रोडक्ट या सर्विसेज बनाते है, या जो भी प्रोडक्ट और सर्विसेज को उपभोक्ता यानि ग्राहक (End User ) तक पहुचाते है, उन्हें बिजनेसमैन कहा जाता है,

ध्यान दीजिए कि – बिज़नसमैंन एक कोई अकेला व्यक्ति भी हो सकता है, और बड़ी से बड़ी कंपनी भी हो सकती है।

तो चलिये अब हम जान लेते है कि बिज़नेस कितने प्रकार के होते है – Types of business in hindi

बिज़नेस कितने प्रकार के होते है – Types of Business in Hindi

  • मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस
  • सर्विस बिज़नेस
  • रिटेल बिज़नेस
  • फ्रेंचाइजी बिज़नेस
  • डिस्ट्रीब्यूटर बिज़नेस
  • मल्टी लेवल मार्केटिंग बिज़नेस

सभी प्रकार के बिज़नेस के अपने-अपने फायदे तथा नुकसान होते हैं। प्रत्येक बिज़नेस के प्रकार का नीचे विस्तार से वर्णन किया है

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस वह बिज़नेस होता हैं जिसमें किसी प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग की जाती है मैन्युफैक्चरिंग के लिए आपको कुछ सामान, मशीनरी तथा जगह की जरूरत होती है।

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस को दो प्रकार से सफल बनाया जा सकता है।

आप ऐसा प्रोडक्ट बनाए जो मार्केट में पहले से मौजूद नहीं है और वह प्रोडक्ट लोगों की किसी प्रकार से मदद कर सके।

अथवा मार्केट में मौजूद किसी प्रोडक्ट से बेहतरीन क्वालिटी का प्रोडक्ट बनाए।

प्रत्येक बिज़नेस को सफल बनाने के लिए उसकी सही तरीके से मार्केटिंग की जानी चाहिए। मार्केटिंग करने पर ही आप लोगों को अपने प्रोडक्ट के बारे में बता सकते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के उदाहरण – अगरबत्ती बनाने का बिज़नेस, मोमबत्ती बनाने का बिज़नेस, चप्पल बनाने का बिज़नेस, पापड़ बनाने का बिज़नेस आदि।

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के फायदे

आप कस्टमर की डिमांड के अनुसार प्रोडक्ट बना सकते हैं और अपनी क्रिएटिविटी के हिसाब से भी नए प्रोडक्ट बना सकते है।

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस में प्रोडक्ट क्वालिटी कंट्रोल आपके हाथ में होती है।

प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग करके आप प्रत्येक प्रोडक्ट पर ज्यादा मार्जिन कमा सकते हैं।

यह जरूरी नहीं है कि आप अपने प्रोडक्ट को बाजार में बेचे अगर आपका प्रोडक्ट अच्छा होगा तो मार्केट में मौजूद डिस्ट्रीब्यूटर भी आपका प्रोडक्ट रिटेलर तक पहुंचा सकते हैं।

आपको सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान देना है। डिस्ट्रीब्यूटर आपके प्रोडक्ट को मार्केट में दुकान तक पहुंचा देगा।

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के नुकसान

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के लिए आपको जमीन तथा मकान की भी जरूरत होती है। जहां आप अपनी मशीन तथा कच्चा माल रख सके।

शुरुआत में ही आपको मशीन तथा कच्चा माल खरीदना होगा जिसमें आपको काफी इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा।

सर्विस बिज़नेस

सर्विस बिज़नेस में आप कस्टमर की सेवा करने के बदले पैसे लेते हैं जैसे रेस्टोरेंट, मोबाइल नेटवर्क, होटल, सैलून आदि।

सर्विस बिज़नेस में आप ग्राहकों कुछ भी नहीं बेचते बल्कि रात भर रूकने के बदले में पैसे चार्ज करते हैं

शारीरिक श्रम वाले काम भी सर्विस बिज़नेस के अंतर्गत आते हैं। जैसे ब्यूटी पार्लर, सैलून, कार सर्विस सेंटर, ट्रांसपोर्ट कंपनी, मकान बनाने का काम, घर को रंगने का काम आदि।

सर्विस बिज़नेस के फायदे

सर्विस बिज़नेस में आपको कोई प्रोडक्ट नहीं बनाना पड़ता बल्कि मार्केट में मौजूद किसी प्रोडक्ट के द्वारा लोगों कि सहायता करनी होती है उसी सहायता के बदले ग्राहक आपको पैसा देता है।

यह बिज़नेस करने के लिए आपको किसी प्रकार का कार्य करना आना चाहिए जैसे कार सर्विस, मेकअप आदि।

सर्विस बिज़नेस के नुकसान

मार्केट में सर्विस बिज़नेस बहुत अधिक है। इस कारण कंपटीशन भी बहुत है इसमें सफल होने के लिए आपको बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।

रिटेल बिज़नेस

रिटेल बिज़नेस में आप मैन्युफैक्चरर से सामान खरीदते हैं और ग्राहक को उसकी डिमांड के हिसाब से सामान बेच देते हैं।

इस बिज़नेस में आप सिर्फ वही सामान अपने पास रखते हैं। जिसकी ग्राहक को जरूरत होती है।

अगर आपका सामान खराब या एक्सपायरी हो जाए तो आप उसे मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को वापस भी भेज सकते हैं।

रिटेल बिज़नेस के उदाहरण – किराने की दुकान, कूलर और AC की दुकान, रेडीमेड कपड़ों की दुकान आदि।

रिटेल बिज़नेस के फायदे

इस बिज़नेस में आपको सिर्फ ग्राहक की जरुरत को समझना है और वही सामान अपनी दुकान में रखना है।

आप विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट बेच सकते हैं।

आप रिटेल बिज़नेस में ऐसा सामान भी बेच सकते हैं। जिसकी घर में रोजाना जरूरत पड़ती है जैसे दूध, ब्रेड, आटा, दाल, चावल आदि।

रिटेल बिज़नेस के नुकसान

रिटेल बिज़नेस में आपको रोजाना अपनी दुकान खोलना पड़ता है। अगर आप अपनी दुकान नहीं खोलेंगे तो आपका सामान भी नहीं बिकेगा।

फ्रेंचाइजी बिज़नेस

फ्रेंचाइजी बिज़नेस में आप किसी बड़ी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर उसके नाम से कोई दुकान या स्टोर खोल सकते है।

मार्केट में बहुत सारी कंपनियां है जो अपनी फ्रेंचाइजी देने के लिए तैयार है जैसे mc donalds, swiggy, KFC आदि।

पढ़े : फ्रेंचाइजी बिज़नेस कैसे शुरु करें और इसके फायदे क्या है

फ्रेंचाइजी बिज़नेस के फायदे

आप किसी बड़े ब्रांड के नाम के साथ अपना स्टोर या दुकान खोल सकते है जो मार्केट में पहले से ही अपनी पहचान बना चुका है।

आपको मार्केटिंग करने कि भी जरुरत नही है जिस कंपनी कि आपने फ्रेंचाइजी ली है वह अपने आप मार्केटिंग करती है।

फ्रेंचाइजी बिज़नेस के नुकसान

किसी भी बड़ी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए शुरुआत में आपको काफी इन्वेस्टमेंट करना पड़ता है।

डिस्ट्रीब्यूटर बिज़नेस

डिस्ट्रीब्यूटर बिज़नेस में आपको मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से सामान लेकर रिटेलर बिज़नेस (दुकानदार) तक पहुंचाना होता है।

प्रत्येक एरिया में हर बड़ी कंपनी का एक डिस्ट्रीब्यूटर होता है। डिस्ट्रीब्यूटर बिज़नेस में सफल होने के लिए आपको पूरी दुनिया में ऐसा प्रोडक्ट खोजना है जो बहुत ही काम का है और आपके क्षेत्र में नहीं मिलता, उसे आपको खरीदकर अपने एरिया में डिस्ट्रीब्यूट करना है।

आप मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से डिस्ट्रीब्यूटर राइट्स (अधिकार) भी खरीद सकते हैं। इसके बाद आपके क्षेत्र में वह कंपनी सिर्फ आपको ही प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए देगी।

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के फायदे

आप विदेशी कंपनी से भी सामान मंगवाकर अपने क्षेत्र में रिटेल स्टोर पर डिस्ट्रीब्यूट कर सकते हैं।

इस बिज़नेस में आपको सिर्फ दुकानदारों के साथ डील करना होता है। कस्टमर के साथ डील नहीं करना।

मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के नुकसान

इसमें आपको फायदा तभी होगा जब आप बहुत सारे दुकानदारों को अपना समान डिस्ट्रीब्यूट करेंगे।

मल्टी लेवल मार्केटिंग बिज़नेस

इस बिज़नेस में आपको किसी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के साथ जुड़ना होता है और अपने नीचे दूसरे सदस्यों को भी जोड़ना होता है।

जब आपके नीचे जुड़े हुए सदस्य उस कंपनी का सामान खरीदते हैं तो आपको उसका कमीशन मिलता है।

मार्केट में बहुत सारी मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी है जैसे फॉरएवर, वेस्टीज आदि।

इन कंपनियों के साथ जुड़ना बहुत ही आसान होता है।

मल्टी लेवल मार्केटिंग बिज़नेस के फायदे

आपके नीचे जितने अधिक सदस्य जुड़ेगे आपको उतनी ही अधिक कमाई होगी

सभी जुड़े हुए सदस्य अपनी जरूरत के हिसाब से कंपनी से सामान खरीदते हैं और आपको घर बैठे-बैठे प्रॉफिट होता है।

मल्टी लेवल मार्केटिंग बिज़नेस के नुकसान

अधिक से अधिक सदस्य जोड़ने के लिए आपको रोजाना नए नए लोगों से मिलना होता है।

बिजनेस का मुख्य उद्देश्य – Business Kya Hai?

व्यवसाय के निम्नलिखित उद्देश्यों को समझा जा सकता है:

आर्थिक उद्देश्य:

लोगों का मानना है कि व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है। व्यय पर आय से अधिक लाभ है। हालांकि लाभ मुख्य प्रोत्साहन, प्रेरक, विकास और विकास के उद्देश्य संकेत और अस्तित्व के लिए आवश्यक है लेकिन लोग इसे उत्पन्न करने के पीछे लाभ और अंतर की मात्रा पर भिन्न होते हैं।

बरनाद शॉ लिखते हैं कि “पूंजीवाद में कोई विवेक नहीं है, इसकी महत्वाकांक्षा ‘लाभ’ है और इसका ‘ईश्वर’ ‘सोना’ है।” लेकिन मुख्य सार व्यवसाय के आर्थिक मकसद में निहित है क्योंकि व्यापार व्यापार चक्र के साथ सामना करता है। इसलिए, कुछ हद तक लाभ उत्पन्न करने के लिए होना चाहिए।

पीटर ड्रकर कहते हैं कि किसी भी व्यवसाय की समस्या अधिकतमकरण में नहीं है लाभ की लेकिन आर्थिक गतिविधि के लिए जोखिम को कवर करने के लिए पर्याप्त लाभ की उपलब्धि और इस प्रकार नुकसान से बचने के लिए।

हालाँकि, व्यावसायिक उद्यमों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने भविष्य के जोखिमों को कम से कम करने के लिए आवश्यक लाभ का उत्पादन करें, व्यवसाय की दुनिया में बने रहने के लिए आवश्यक लाभ और संसाधनों की धन उत्पादक क्षमता को बनाए रखें।

इसका मतलब है कि एक व्यवसाय को कम से कम एक हद तक लाभ अर्जित करना चाहिए ताकि वह मंदी के समय में जीवित रहे अन्यथा बाजार की ताकतें उसे बाजार से मिटा देगी। यह अस्तित्व और विस्तार दोनों के लिए आवश्यक है।

क्योंकि अगर कोई व्यवसाय समय बीतने के साथ विकसित नहीं हो पाता है, तो यह खुद को विनाशकारी स्थिति में ले जाता है। इसलिए, आर्थिक उद्देश्यों के तहत लाभ और विकास के अधिकतमकरण के बीच एक सही मिश्रण होना चाहिए ताकि यह बाजार में अधिक उत्पादों को जोड़ सके, नए क्षेत्रों में विविधता ला सके, बाजार में हिस्सेदारी बढ़ सके और लागत में कमी आ सके और उत्पादकता बढ़ सके।

सामाजिक उद्देश्य:

व्यवसाय और समाज एक दूसरे के हिस्से हैं, कोई भी अलगाव में नहीं रह सकता है। समाज के बिना, व्यवसाय की कल्पना हवा में महल बनाने की तरह है क्योंकि समाज ने व्यवसाय को प्राकृतिक, मानव और वित्तीय संसाधन आदि प्रदान किए हैं। इसलिए, समाज का इष्टतम उपयोग व्यवसाय का प्राथमिक विचार होना चाहिए।

संसाधनों का समुचित उपयोग, सामुदायिक विकास और नियमों और विनियमों का पालन करते हुए सरकार के प्रति अनुकूल प्रतिक्रिया और सही समय पर कुछ करों का भुगतान व्यवसाय का प्रमुख विचार होना चाहिए। हेनरी फोर्ड के अनुसार “सेवा पहले और लाभ दूसरे” का अर्थ है समाज की सेवा करना प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए, जिसके बाद लाभ होगा। यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि उपभोक्ता को किसी भी तरह से धोखा नहीं दिया जाना चाहिए और उसे समय पर और उचित सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए।

वे व्यवसायी जिन्होंने गुणवत्ता पर जोर दिया और प्रतिस्पर्धा में जीवित रहे, वे बाजार में दूसरों से आगे रहे। लगातार गुणवत्ता ब्रांड को उत्पाद के लिए वफादारी से कमाती है जो एचएलएल, बीपीएल, फिलिप्स, एलजी और गोदरेज उत्पादों की तरह सफलता का एक महत्वपूर्ण घटक है। बाजार में स्वयं के लिए एक विशेष स्थान अर्जित करने के लिए, उत्पाद, विज्ञापन और वितरण, आदि के क्षेत्र में नवाचार महत्वपूर्ण कारक है।

लेकिन ये सभी चीजें उन लोगों के बिना हासिल नहीं की जा सकती हैं जो आपके कर्मचारी हैं। कर्मचारियों की संतुष्टि की देखभाल और उनके विकास को ध्यान में रखते हुए व्यवसाय के सामाजिक उद्देश्यों में से एक होना चाहिए। जो व्यवसाय आर्थिक और सामाजिक उद्देश्यों के महत्व पर विचार करते हैं, वे बाजार में सफल होने के लिए बाध्य हैं।

मानव उद्देश्य:

किसी भी व्यवसाय में, यह केवल उद्यमी नहीं है जो काम करता है, लेकिन इसमें तीन मानवीय कारक शामिल हैं। उनमें से एक उद्यम है, अन्य एक कर्मचारी है और तीसरा ग्राहक है। उद्यमी के अलावा, हजारों कर्मचारी हैं जो संगठन के लिए काम करते हैं और इसी तरह, ग्राहकों के बिना व्यवसाय का कोई अस्तित्व नहीं है। इसलिए, सफल होने के लिए, तीनों की संतुष्टि जरूरी है।

निवेश की सुरक्षा, और निवेश पर उचित रिटर्न, अच्छी कामकाजी स्थिति, कर्मचारियों के लिए विकास की संभावनाओं के साथ नौकरी की सुरक्षा और सुंदर वेतन और उचित दरों के साथ उत्पादों और सेवाओं की सुचारू आपूर्ति ऐसे कार्य हैं जिन्हें व्यवसाय की सफलता के लिए अनुपालन किया जाना चाहिए। यदि सभी अनुभाग संतुष्ट हैं, तो वह व्यवसाय बोर्ड से ऊपर है और व्यवसाय के मानवीय उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहा है।

बिज़नस की विशेषता (CHARACTERISTICS OF A BUSINESS)

बिज़नस क्या है, वास्तव में बिज़नस एक बहुत व्यापक शब्द है, हम सभी बिज़नस से परिचित है, लेकिन बिज़नस को कुछ शब्दों की परिभाषा में पूरी तरह से स्पस्ट करना काफी मुस्किल हो जाता है,

लेकिन फिर भी हर बिज़नस में कुछ एक सामन विशेषताए होती है, जिस से ये स्पस्ट होता है कि वह एक बिज़नस है, तो इस तरह बिज़नस की कुछ विशेषताए है –

वस्तु और सेवा के बदले पैसे की अदला बदली – बिज़नस के हजारो तरीके, हजारो प्रकार हो सकते है, लेकिन चाहे बिज़नस कोई भी हो, उसकी एक ख़ास विशेषता ये होती है कि हर बिज़नस में पैसे के बदले कोई बस्तु बेचीं और खरीदी जाती है, या फिर पैसे के बदले सेवा खरीदी और बेचीं जाती है,

बिज़नस का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है – बिज़नस चाहे कोई भी हो, हर बिज़नस की एक खास विशेषता ये होती है कि हर बिज़नस लाभ कमाने के उद्देश्य से काम करता है,

खरीदने और बेचने वाले होना अनिवार्य है – बिज़नस चाहे कोई भी हो, उसमे दो लोगो का होना अनिवार्य होता है जिसमे एक खरीदने वाला होता है,और दूसरा बेचने वाला,

बिज़नस में बिज़नस एक्टिविटी होना जरुरी है – बिज़नस चाहे कोई भी हो, उस बिज़नस में या तो बस्तुओ और सेवाओ का उत्पादन होता है, या फिर उस वस्तु और सेवा के संसोधन और विकास होता है या फिर बस्तु और सेवा को ग्राहक (End user) तक पहुचाये जाने का कार्य होता है,

बिज़नस कानूनी और गैर क़ानूनी दोनों हो सकता है,

बिज़नस का एक लक्ष्य ये होता है सामाजिक जीवन को प्रगतिशील बनाने में मदद करना

आज आपने क्या सीखा- Business Kya Hai?

दोस्तो आज के इस पोस्ट मे हमने आपको बताया कि business kya hai या vyapar kya hai और business ka matlab क्या होता है? साथ हमने आपको business ka full form और Definition of Business आदि की जानकारी इस पोस्ट मे शेयर की है।

हमे उम्मिद है कि आपको हमारा यह पोस्ट कि business kya hai या vyapar kya hai और business ka matlab क्या होता है? जरूर पसंद आया होगा। लेकिन अगर आपको लगता है कि इस पोस्ट मे कोई कमी रह गयी है तो हमे कोमेंट करके जरूर बताये।

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