B.Com क्या है? B.com का फुल फॉर्म और B.com की पूरी जानकारी

B Com Ka Full Form – जैसे कि हम सभी जानते हैं कि मैट्रिक परीक्षा के बाद करियर की शुरुआत होती है। जिसको जिस विषय में रुचि हो वह उस विषय के साथ आगे की पढ़ाई करता है। मीट्रिक के बाद विद्याथियों के पास अनेक विषय होते हैं,जैसे- विज्ञान ,कॉमर्स, आर्ट्स,आदि। मेट्रिक के बाद 11वी और12वी की पढ़ाई अपनी पसंद के विषय के अनुसार होती है।

11वी और 12वी के बाद कॉलेज की पढ़ाई आरम्भ होती है। कॉलेज जाने से पहले विद्याथियों को यह विचार कर लेना चाहिए कि उन्हें क्या बनना है। विचार के बाद उन्हें उसी विषय को चुनकर आगे बढ़ना चाहिए। कॉलेज जाने के बाद विद्यार्थियों के पास अनेक विकल्प होते हैं,

जैसे- विज्ञान वालों के लिए B.SC ,B.tech, BCA आदि विषय होते हैं।आर्ट्स वालों के लिए BA और बहुत सी सरकारी परीक्षायें होती है। कॉमर्स वालों के लिए B.COM ,BCA, BBA, CA, CS और अनेक विषय होते हैं।

वैसे तो सारे विषय महत्वपूर्ण होते हैं,लेकिन अगर आपको कॉमर्स में रुचि है और आप इसके साथ आगे बढ़ना चाहते हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है। अगर आपन 11वी तथा 12वी की परीक्षा कॉमर्स लेकर पास की है और आप कॉलेज में B.com लेकर आगे की पढ़ाई कर रहें हो तो आपको यह जानकारी पूरी पढ़नी चाहिए।

B Com Ka Full Form

आइये जानते हैं कि B.com क्या है , B Com Ka Full Form और B.com कौन कर सकता है इसके आलावा आपके और भी कई सवाअल होंगे जिनके जवाब देने कि कोशिश करेंगे तो चलिये जानते है कि -B.com क्या है , B Com Ka Full Form और B.com कौन कर सकता है

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B.Com क्या है?

B. com का पूरा नाम या B Com Ka Full Form है- “BECHLOR OF COMMERCE” होता है। यह कॉमर्स का ही एक रूप होता है। ब.कॉम पूरा करने में पुरे तीन साल का समय लगता है।

B.com को तीन भाग में बांटा गया है -1st year, 2nd year, 3rd year।1st year में कुल निम्न विषय होते हैं तथा कंप्यूटर का विषय अलग से होता है।

कुल विषय इस प्रकार है- हिन्दी साहित्य, अंग्रेजी, व्यावसायिक सम्प्रेषण, व्यावसायिक गणित, व्यावसायिक नियमन रूपरेखा, वित्तिय लेखांकन, व्यावसायिक पर्यावरण, व्यावसायिक अर्थशास्त्र, पर्यावरण अध्ययन होता है।

इसमें कुल छह मुख्य विषयों को तीन ग्रुप में बांटा जाता है, ताकी छात्रों को परीक्षा के समय अध्य्यन करने में कोइ समस्या न हो सके। इसमें पर्यावरण की परीक्षा पहले साल में ही उत्तीर्ण करनी पड़ती है

अगर पहले साल में यह परीक्षा उत्तीर्ण नही हो सके तो दूसरे साल फिर यही परीक्षा देनी होती है। 2nd year में कुल 8 विषय होते हैं तथा कंप्यूटर अलग से होता है।

अगर आपने पर्यावरण की परीक्षा उत्तीर्ण नही की है तो उसकी परीक्षा इसी वर्ष देनी होगी। कुल आठ विषय इस प्रकार हैं- हिन्दी साहित्य, अंग्रेजी, प्रबंधन के सिद्धांत, उद्द्गमनियो के मौलिक आधार, निगमीय लेखांकन, व्यावसायिक सांख्यकी, लागत लेखांकन, कंपनी अधिनियम होता है।

तो चलिये अब जान लेते हैं कि B Com Ka Full Form क्या होता है-

B.com Full Form in English

B.com का पूर्ण प्रपत्र या फुल फॉर्म “Bachelor of Commerce” होता है।

B Com Ka Full Form – B.com Full Form in Hindi

B.com का पूरा नाम या B Com Ka Full Form हिंदी में “वाणिज्य स्नातक” होता है।

इस कोर्स में आपको कॉमर्स से संबंधित सभी विषयो के बारे में पढ़ाया जाता है। 12वीं के बाद कॉमर्स के छात्रों के लिए यह कोर्स बहुत ही अच्छा होता है।इस कोर्स में छात्रों को पैसे की मैनेजमेंट और फाइनेंस के बारे में पढ़ाया जाता है और साथ ही इनकम टेक्स , जीएसटी और पीएफ के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

अभी तक हमने जाना कि B.com क्या है? साथ हि B Com Ka Full Form हिंदी और इंगलिश मे क्या होती है यह जान लिया है लेकिन अब हम जानने वाले है B.com कैसे करे?

B.com कैसे करें? – B Com Ka Full Form

बीकॉम करने के लिए सबसे पहले छात्र को दसवीं और 12वी कक्षा को अच्छे अंको से उत्तीर्ण करना होता है। जो छात्र अपनी 12वी कक्षा कॉमर्स स्ट्रीम से पूरा करते है वो इस कोर्स को ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त करने के लिए करते है। परंतु अगर कोई छात्र साइंस स्ट्रीम से है और वह बीकॉम करना चाहता है तो वह जरूर कर सकता है उन्हें भी बीकॉम में प्रवेश दे दिया जाता है।

बीकॉम करने के लिए आपको 12वीं कक्षा कम से कम 50% से 60% अंक के साथ पास करनी होगी। उसके बाद आप कोई भी विश्वविद्यालय कॉलेज में आवेदन कर सकते हैं। कई सारे कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसे होते हैं|

जहां पर एंट्रेंस एग्जाम लिए जाते हैं परंतु बहुत सारे कॉलेज में प्रवेश परीक्षा नहीं जाती। तो जिस कॉलेज में प्रवेश परीक्षा नहीं दी जाती वहां पर आप सीधा एडमिशन ले सकते हैं लेकिन जहां NPAT, IPU CET, AIMA UGAT, BHU UAT जैसे इंटरेंस एग्जाम दिला कर एडमिशन लिया जा सकता है।

एंट्रेंस एग्जाम लेने के बाद योग्य छात्र का चयन किया जाता है। और मेरिट लिस्ट में आए हुए विद्यार्थी का कॉलेज में प्रवेश अनिवार्य कर दिया जाता है।

Qualifications for B.com

B.com एक अंडर ग्रैजुएट डिग्री वाला कोर्स है इसलिए छात्र इसे 12वी के बाद ही कर सकते है। 12वीं कक्षा में 50% से ज्यादा लाने वाले छात्र को बीकॉम एडमिशन दिया जाता है। जो साथ अपनी 12वीं कक्षा कॉमर्स स्ट्रीम से करते हैं उनके लिए बीकॉम बहुत ही अच्छा कोर्स है। परंतु जो छात्र साइंस स्ट्रीम से होते है वो भी यह कोर्स कर सकते है। बीकॉम एडमिशन लेने के लिए छात्र की 10वीं और 12वीं की मार्कशीट देखी जाती है।

B.com कोर्स फीस

जैसा कि हमने बताया कि बीकॉम एक अंडर ग्रैजुएट प्रोग्राम है। जिसका 3 साल कंप्लीट होने पर छात्रों को ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त होती है। BCom के कोर्स का फीस आपके कॉलेज और यूनिवर्सिटी पर डिपेंड करता है जिसमें आप एडमिशन लेने वाले है क्योंकि बहुत सारी ऐसी प्राइवेट पर ज्योति हैं जहां पर अधिक सुविधाएं छात्रों को दी जाती है।

सरकारी कॉलेज या विश्वविद्यालय में BCom कोर्स का फीस सालाना 10,000 से 30,000 तक होता है ,वही इसके मुकाबले प्राइवेट कॉलेज का फीस अधिक होता है। प्राइवेट कॉलेज में बीकॉम का फीस सालाना 20,000 से 1 लाख रुपए होता है। प्राइवेट कॉलेज में छात्रों को रेगुलर पढ़ाया जाता है, साथ ही बहुत ही सुविधाएं दी जाती है और उसके हिसाब से ज्यादा फीस ली जाती है।

B.com में कौन कौन से सब्जेक्ट होते है?

अलग-अलग विश्वविद्यालय द्वारा विषय चुने गए हैं। BCom में ज्यादातर management ,economic और banking के बारे में छात्रों को पढ़ाया जाता है। BCom में कुल निम्न सब्जेक्ट होते है जैसे –

  • Economics
  • Banking
  • Business law
  • Taxation
  • Company law
  • Financial accounting
  • Cost accounting
  • Income tax
  • Management
  • Business organisation

BCom कोर्स में सभी सब्जेक्ट को विस्तार से पढ़ाया जाता है जिससे छात्रों को अच्छे से समझ आए ।Bcom कोर्स को जो छात्र रेगुलर करते हैं उनके लिए बहुत ही अच्छा कोर्स है। BCom में ये सारे सब्जेक्ट के साथ कंप्यूटर भी होता है, जिसे छात्र अलग से एडिशनल सब्जेक्ट के रूप में पढ़ते है।

B.com में admission कैसे लें?

बीकॉम में अगर आप एडमिशन लेना चाहते हैं। तो सबसे पहले आप वह कॉलेज और यूनिवर्सिटी का चयन कर ले जिसमें से आपको B.com करना है। अगर आपके कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रवेश परीक्षा ली जा रही है तो प्रवेश परीक्षा को अच्छे अंक से पास करना होगा। अगर आपका नाम प्रवेश परीक्षा के रैंक लिस्ट में अता है तो आप उस कॉलेज के लिए आवेदन फार्म भर सकते है।

परंतु अगर आपके कॉलेज में प्रवेश परीक्षा नहीं ली जाती तो आपको उस कॉलेज के लिए application form भरना होगा ,जिसके बाद आपका नाम कॉलेज की मेरिट सूची में चयन की जाएगी ,उसके बाद आप कॉलेज में प्रवेश ले सकते हैं।

B.com के बाद जॉब – B Com Ka Full Form

बीकॉम के 3 साल कंप्लीट होने के बाद ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त हो जाती है इसके बाद छात्रों के पास कई सारे जॉब ओपनिंग की आती है जैसे- बैंकिंग में एकाउंटेंट का पद , मैनेजर का जब , के साथ-साथ छात्र चाहे तो अपना एक बिजनेस चालू कर सकता है। B.com करने के बाद सरकारी जॉब के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार को सरकारी नौकरी भी मिलती है।

B.com के बाद क्या करे

वैसे तो बीकॉम करने के बाद छात्रों को कंपनी में अकाउंटेंट के नौकरी मिल जाती है ,परंतु अगर कोई छात्र अपना पढ़ाई जारी रखना चाहता है, तो इस ग्रेजुएशन डिग्री के बाद मास्टर डिग्री या डिप्लोमा की पढ़ाई कर सकता है।

B.com के बाद मास्टर या पोस्टग्रेजुएट डिग्री के लिए छात्र MCom ,MCA,MA ,MBA,CS और CA कर सकते है और अगर डिप्लोमा करना चाहते है तो कॉमर्स में मैनेजमेंट का सबसे बेहतरीन डिप्लोमा कोर्स PGDM होता है।इसे करके डिप्लोमा डिग्री प्राप्त कर सकते है। बीकॉम करने के बाद आप सरकारी एग्जाम की तैयारी भी कर सकते हैं जिससे आपको आईएएस और आईपीएस मैं अधिकारी का पद मिल सकता है।

B.com करने के फायदे

बीकॉम करने के अनेक से फायदे जैसे बीकॉम करने के बाद आपके पास प्रशिक्षण डिग्री आ जाती है ,जिसके बाद आप मास्टर डिग्री के लिए अप्लाई कर सकते हैं। या फिर बीकॉम के बाद आपको अकाउंटेंट और फाइनेंस कंपनी में नौकरी मिल सकती है।

इसके बाद आप चार्टर्ड अकाउंट की पढ़ाई भी कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आपको सरकारी नौकरी भी मिल सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि आप बीकॉम करने के बाद अगर मास्टर डिग्री प्राप्त करते हैं तो आपको प्रोफेसर का पद भी मिल सकता है।

प्रश्न:- B.com का फुल फॉर्म क्या होता है?

उत्तर:- B.com का फुल फॉर्म ‘Bachelor of commerce ‘होता है।

प्रश्न:- बीकॉम के बाद क्या करना उचित होगा?

उत्तर:- B.com के बाद मास्टर डिग्री (M Com) प्राप्त करना उचित होता है।

प्रश्न:- क्या B.com के बाद बीएड किया जा सकता है?

उत्तर:- बीकॉम के बाद टीचर या प्रोफेसर का पद पाने के लिए B.Ed किया जा सकता है।

प्रश्न:- बीकॉम कितने साल का होता है?

उत्तर:- बीकॉम 3 साल का होता है।

प्रश्न:- बीकॉम में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

उत्तर:- वैसे तो बीकॉम में 10 सब्जेक्ट होते हैं और किसी किसी यूनिवर्सिटी में 9 सब्जेक्ट भी होते है। अगर छात्र चाहे तो एडीशनल सब्जेक्ट कंप्यूटर भी कर सकता है।

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